- ब्लैक बॉक्स क्या होता है?
ब्लैक बॉक्स एक विशेष प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जो विमान से जुड़ी हुई महत्वपूर्ण जानकारी को रिकॉर्ड करने का काम करता है। यह विमान के संचालन, पायलट की गतिविधियों और तकनीकी डेटा को इकट्ठा करता है। मुख्य रूप से इसके दो भाग होते हैं:
फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR): यह विमान की तकनीकी जानकारी रिकॉर्ड करता है, जिसमें ऊंचाई, गति, दिशा, ईंधन स्तर और इंजन की स्थिति शामिल है।
कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR): यह पायलट और सह-पायलट के बीच होने वाली बातचीत को रिकॉर्ड करता है। साथ ही, यह कॉकपिट की अन्य ध्वनियों को सुरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इसकी प्रमुख विशेषताएं और खोज
ब्लैक बॉक्स का आविष्कार 1950 के दशक में ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिक डॉ. डेविड वॉरेन ने किया था। नाम के विपरीत, इसका रंग काला नहीं बल्कि चमकीला नारंगी होता है। इसमें रिफ्लेक्टिव स्ट्रिप्स लगी होती हैं, जिससे दुर्घटना के बाद मलबे में इसे आसानी से ढूंढा जा सके।
इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
अत्यधिक मजबूत: टाइटेनियम और स्टील से बना यह उपकरण 1100 डिग्री सेल्सियस तक की गर्मी सहने की क्षमता रखता है।
पानी और दबाव प्रतिरोधी: इसमें अंडरवाटर लोकेटर बीकन लगा होता है। यदि यह समुद्र की गहराई में गिर जाए, तो भी यह पूरी तरह सुरक्षित रहता है और 30 दिनों तक सिग्नल भेज सकता है।
क्रैश प्रूफ डिजाइन: अपने क्रैश प्रूफ डिजाइन के कारण यह तेज टक्कर और विस्फोट को भी आसानी से झेल सकता है।
प्लेन क्रैश के बाद ब्लैक बॉक्स की भूमिका
सुरक्षा की दृष्टि से ब्लैक बॉक्स को आमतौर पर विमान के पिछले हिस्से में लगाया जाता है, क्योंकि दुर्घटना के दौरान यह हिस्सा अन्य हिस्सों के मुकाबले अधिक सुरक्षित रहता है। प्लेन क्रैश के बाद यह जांच में कई तरह से मदद करता है,
दुर्घटना के कारण का पता लगाना: इसके डेटा से यह स्पष्ट होता है कि क्रैश तकनीकी खराबी, खराब मौसम या मानवीय गलती के कारण हुआ है।
पायलट की बातचीत का विश्लेषण: कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर की मदद से विमान दुर्घटना के अंतिम क्षणों में पायलटों के बीच हुई बातचीत को सही से समझा जाता है।
तकनीकी खराबी की पहचान: यदि इंजन या अन्य प्रणालियों में कोई त्रुटि थी, तो यह उसे रिकॉर्ड करके समस्या की सटीक जानकारी देता है।
निष्कर्ष
यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि ब्लैक बॉक्स विमान सुरक्षा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उपयोगी उपकरण है। यह न केवल दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों का पता लगाने में मददगार है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में भी मदद करता है। इसके बिना हवाई यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता। आशा है कि ब्लैक बॉक्स से जुड़ी यह हिंदी में जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी।


