जमा और बचत के लिए बैंकों के फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposits) बेहतर विकल्प हो सकते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इनमें निवेश ज्यादा सुरक्षित होता है और रिटर्न भी पहले से तय रहता है.

बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट करते समय अलग-अलग टेन्योर चुनने का विकल्प मिलता है, ऐसे में आप अपनी सुविधानुसार, 7 दिनों से लेकर 10 साल तक की अवधि के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट कर सकते हैं.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में रेपो रेट में 0.40 फीसदी की बढ़ोतरी का एलान किया था. जिसके बाद कई दिग्गज बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में इजाफा कर रहे हैं.

हाल ही में, Bank of Baroda, ICICI बैंक, Kotak Mahindra Bank और पंजाब  Punjab National Bank ने अपने कस्टमर्स के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरें बढ़ाई हैं.

एफडी की अवधि: फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्जाज दर इसकी अवधि से जुड़ी होती है. उदाहरण के लिए 10 साल की एफडी पर रिटर्न हमेशा एक साल की एफडी से अधिक होगा.

रेटिंग: क्रिसिल और केयर जैसी क्रेटिड रेटिंग एजेंसियां कई पैरामीटर्स पर वित्तीय संस्थानों को रेटिंग देती हैं. किसी वित्तीय संस्थान की CRISIL FAA+ या CARE AA रेटिंग को सबसे अच्छा माना जाता है.

वित्तीय संस्थान: सभी एफडी बेहतर हैं लेकिन सभी वित्तीय संस्थान नहीं. ऐसे में एफडी खाता खोलने से पहले वित्तीय संस्थान के फीचर्स और वैल्यू-एडेड सर्विसेज को जरूर एनालाइज कर लें.

लोन सुविधा: पैसों की जरूरत पड़ने पर आमतौर पर लोग लोन के लिए आवेदन करते हैं. हालांकि अगर आप एफडी खोलते हैं तो आप स्वतः इसके अगेन्स्ट लोन हासिल करने के योग्य हो जाते हैं.

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