चीन में हाहाकार मचा रहे कोरोना के नए वैरिएंट ने भारत में दी दस्तक, भारत में भी मिले BF.7 Variant के चार मामले

कोरोना का ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट चीन में कहर बरपा रहा है। दुनिया भर में कोविड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए भारत सरकार ने भी सभी राज्यों को निर्देश जारी किया है। वहीं अमेरिका ने भी इसको लेकर चिंता व्यक्त की है। जानते हैं क्या है ऑमिक्रॉन का सबवैरिएंट BF.7 जिससे दुनिया भर के देश अलर्ट मोड पर हैं।

News Desk
By News Desk  - Editor
Omicron Sub Variant BF.7
चीन में हाहाकार मचा रहे कोरोना के नए वैरिएंट ने भारत में दी दस्तक, भारत में भी मिले BF.7 Variant के चार मामले

Omicron Sub Variant BF.7 : कोरोना के जिस वैरिएंट ने चीन में तबाही मचा रखी है उसके चार मामले भारत में भी दर्ज किए जा चुके हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुतबाकि ओमिक्रॉन सबवैरिएंट BF.7 के 4 मामले भारत में पाए गए। कोरोना का यह वही सबवैरिएंट है जिसने मौजूदा समय में चीन में तबाही मचा रखी है। अधिकारियों ने बताया कि गुजरात बायो टेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर ने भारत में BF.7 के पहले मामले का पता लगाया था। उन्होंने कहा कि अब तक गुजरात से तीन मामले सामने आए हैं, जबकि एक मामला ओडिशा से सामने आया है।

गुजरात स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जुलाई-अक्टूबर-नवंबर-2022 में ओमिक्रॉन के बीएफ.7 और बीएफ 12 वेरिएंट से संक्रमित दो मरीज सामने आए थे। इन मरीजों का होम आइसोलेशन में इलाज किया गया और पूरी तरह से ठीक हो गए हैं। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सबवैरिएंट का पहला मामला जुलाई में सामने आया था।

क्या है ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट BF.7

कोविड-19 की उत्पति के बाद 2021 में इसके कई सब-वैरिएंट विकसित हुए। इसी में से एक सबवैरिएंट BF.7 है जो बहुत तेजी से संक्रमण फैलाने में सक्षम है।

रिपोर्ट के अनुसार, ओमिक्रॉन का सबवैरिएंट BF.7 ही चीन में कहर बरपा रहा है जिसकी वजह से देश के कार्यालयों और सार्वजनिक स्थान सुनसान पड़ गए हैं। वहीं, अस्पताल एक बार फिर से मरीजों की लंबी कतारों से पटा हुआ है।

लाइव साइंस के अनुसार, BF.7 सब-वैरिएंट BA.5.2.1.7 का ही शॉर्ट फॉर्म है। BA.5.2.1.7 , BA.5. का ही उप वंश है। ऐसा माना जा रहा है कि BF.7 सबवैरिएंट, BA.1 और BA.2 जैसे ओमिक्रॉन के अन्य सबवैरिएंट की तुलना में ज्यादा तेजी से संक्रमण फैलाने में सक्षम है।

अमेरिका में भी अलर्ट

चीन में बढ़ते हुए कोरोना मामलों के बीच अमेरिका ने चेतावनी जारी की है। अमेरिका ने चिंता जताई है कि वायरस नया रूप ले सकता है। दुनियाभर में कोविड के लौटने पर भारत भी सतर्क हो गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने तमाम एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है।आधिकारिक सूत्रों के हवाले से लिख दीजिएगा कि बीएफ.7 वैरिएंट का गुजरात में दो और ओडिशा में एक केस सामने आया है।

इम्यून से बचने में सक्षम

बीजिंग के Xiaotangshan अस्पताल के चिकित्सा विशेषज्ञ ली टोंगजेंग ने ग्लोबल टाइम्स को बताया है कि इस वैरिएंट में इम्यून सिस्टम से बच निकलने (इम्यून एस्केप) की भी क्षमता बहुत ज्यादा है। जब कोरोना का ये सब वैरिएंट हमला करता है तो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली इसे शरीर में फैलने से रोकने में सक्षम नहीं होती है।

चिकित्सा विशेषज्ञ ने बताया कि चूंकि, BF.7 का संक्रमण काल (incubation period) बहुत कम है यानी यह किसी भी व्यक्ति को बहुत कम समय में ही संक्रमित कर देता है और इसकी संक्रमण दर भी तेज है, इसलिए चीन में कोरोना के मामले अचानक तेजी से बढ़ रहे हैं।

R फैक्टर भी ज्यादा

ली टोंगजेंग ने बताया कि डेल्टा वैरिएंट में जहां R फैक्टर (reproduction number) लगभग 5 से 6 होता है, जबकि ओमिक्रॉन BF.7 में R फैक्टर 10 से अधिक है। R फैक्टर का मतलब यह है कि एक व्यक्ति कितने और व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है। डेल्टा वैरिएंट में ये संख्या जहां 5 से 6 है। जबकि ओमिक्रॉन के BF.7 में ये संख्या 10 से 18 है।

क्या हैं लक्षण

कोरोना के ओमिक्रॉन BF.7 सब-वैरिएंट से भी संक्रमित होने के बाद लक्षण अन्य वैरिएंट के समान ही हैं। इसमें मरीजों को खांसी, गले में खराश, बुखार, थकावट, नाक बहना, उल्टी जैसे लक्षण ही देखने को मिल रहे हैं।

कई बार इससे संक्रमित व्यक्ति में कोई लक्षण नहीं होता है यानी कि वो एसिम्‍टोमेटिक होते हैं। जिसके कारण वायरस फैलने का ज्यादा डर रहता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के डरावने अनुमान

कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले कुछ महीनों में चीन की 60% और दुनिया की 10% आबादी इससे संक्रमित हो सकती है। महामारी विशेषज्ञ एरिक फिगल डिंग ने आशंका जताई है कि कोरोना इस लहर में दस लाख से ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में ले सकता है।

भारत सरकार अलर्ट

दुनिया भर में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य सचिव राजीव भूषण ने मंगलवार को NCDC और ICMR को चिट्ठी लिखी है। सरकार ने कहा है कि कोविड के नए वैरिएंट की पहचान के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग जरूरी है। स्वास्थ्य सचिव ने सभी राज्यों को भी निर्देश देते हुए कहा है कि सभी राज्य कोरोना सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग पर ध्यान दें।

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